vicky chahar कान्हा तेरी प्रीत में है गयी में दिवाणी Unknown 10:21:00 कान्हा तेरी प्रीत में है गयी में दिवाणी राधा तेरी प्रेम दिवाणी मीरा दरश दिवाणी दर दर भटके दर दर घूमे वा तो दरश दिवाणी कान्हा तेरी प... Read more 1 comment:
vicky chahar मैं भटका हूँ बहुत अंधेरों में Unknown 10:07:00 खुशियों का संसार ढूढ़ने बिन मौसम बरसात ढूंढने, मैं भागा यह हरबार ढूंढने बिन कर्म तो स्वांस नसीब न हो, मैं निकल पड़ा लक्ष्य पाने अप... Read more No comments:
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